इतिहास

                                   

                                     परिचै - टिहरीयाली
टिहरीयाली उत्तराखण्ड राज का वर्तमान टिहरी जिला मा बोळि जान्दी। 
यू कभि टिहरी राज की आधिकारिक भाषा थै अर औपचारिक अर अनौपचारिक दुईया कामों मा खूब इस्तमाळ होन्दी थै। यू राजपरिवार की भाषा थै। टिहरी राज का भारत मा मिळ जाणा का बाद, टिहरीयाली सणि राज की आधिकारिक भाषा की जगा परन हटै दिनी गै अर येकी जगा पर हिन्दी सणि दी दिनी गै। 
वर्तमान मा टिहरी राज की आधिकारिक भाषा हिन्दी अर संस्कृत छ।
 

                                         वर्तमान स्थिति: 
वर्तमान मा टिहरीयाली खत्म ह्वोणा की श्रेणी मा छ अर कुछ दशकों मा खत्म ह्वोणा की आशंका छ। सरकार द्वारा ये अभि तलक अलग पछाण नी दिनी गै अर ये हिन्दी की एक बोळि माणी जान्दी। 
                                                          

                                              रिकॉर्ड: 
ब्रिटिश भाषा ज्ञानी जी.ए.ग्रियर्सनन आखरी बार टिहरीयाली भाषा कु सर्वेक्षण अर अध्ययन करी थै 
यू 122 साळ पैली, 1909 मा ह्वे थै।

टिहरियाली इलाका कु इतिहास

🔹 प्राचीन काल

टिहरी गढ़वाल का इलाका प्राचीन काल मा केदारखंड का नौ सि जाणि जान्दा थै, जु स्कंद पुराण का हिसाब सि उत्तराखंड का पवित्र भाग छ।
यख वैदिक काल सि ही ऋषि-मुनियों की तपोभूमि रै। भागीरथी नदी का तट पर कई आश्रम और धार्मिक केंद्र बस्यां थै।


महाभारत काल

मान्यता छ कि पांडवों कु ये इलाका सि गैरु संबंध रै।

  • पांडवुन यख अज्ञातवास कु कुछ समय बिताई
  • पांडव लीला आज भी यीं ऐतिहासिक स्मृति कु जीवंत प्रमाण छ

कत्यूरी शासन (7वीं–11वीं शताब्दी)

टिहरी क्षेत्र पर लंबे समय तक कत्यूरी राजाओं का शासन रै।

  • राजधानी जोशीमठ और बैजनाथ रै।
  • मंदिर निर्माण अर संस्कृति कु विकास येई काल मा ह्वे।
  • कत्यूरी शासन का पतन का बाद इलाका छोटा-छोटा गढ़ु मा बँटिगी।

गढ़वाल राज्य की स्थापना (14वीं शताब्दी)

लगभग 1358 ई. मा अजय पालन 52 गढ़ों सणि कट्ठु करिक गढ़वाल राज्य की स्थापना करी।

  • राजधानी पैली देवलगढ़, फिर श्रीनगर अर बाद मा टिहरी बणी।
  • येई समै सि “टिहरी गढ़वाल” एक राजनीतिक पहचान बणी।

🔹 टिहरी रियासत (18वीं–20वीं शताब्दी)

  • गढ़वाल राज्य पर परमार वंश कु शासन रै।
  • 1803 का गोरखा आक्रमण का बाद इलाका मा उथल-पुथल ह्वे।
  • 1815 मा अंग्रेजुन गोरखौं सणि हराई।
  • गढ़वाल  दुई भागु मा बटिगी:
    • ब्रिटिश गढ़वाल
    • टिहरी रियासत (स्वतंत्र रियासत)

टिहरी रियासत पर अंतिम राजा मानवेन्द्र शाह थै


 

मैप
टिहरी रियासत कु मानचित्र

🔹 स्वतंत्रता आंदोलन

  • टिहरी इलाका मा प्रजा मंडल आंदोलन चली।
  • जनतन राजा का खिलाफ लोकतांत्रिक अधिकारों की माँग करी।
  • 1949 मा टिहरी रियासत भारत मा विलय ह्वे।

 आधुनिक काल

  • 1960–70 के दशक मा टिहरी बाँध परियोजना की योजना बणी।
  • पुरानी टिहरी शहर डूब क्षेत्र मा आई।
  • नई टिहरी शहर बसाई गै।
  • 2000 मा उत्तराखंड राज्य बण्ना का बाद टिहरी गढ़वाल एक प्रमुख जिला बणी।

 ऐतिहासिक महत्व

  • धार्मिक, सांस्कृतिक अर राजनीतिक दृष्टि सि अत्यंत महत्वपूर्ण।
  • पुरानी टिहरी आज भी लोगों की स्मृतियों अर लोकगीतु मा जीवित छ।
  • पलायन, संघर्ष अर संस्कृति—तिन्यों कु इतिहास यख दगड़ा-दगड़ी चल्दु।
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